Haryana AI Sandbox proposal priority sectors list

Introduction:- Haryana Updates वेबसाइट पर आपका फिर से स्वागत है! मैं हूँ आपका दोस्त Harnam। आज हम एक बेहद ही आधुनिक और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे जो सीधे हमारे राज्य हरियाणा के भविष्य और शासन प्रणाली (Governance) से जुड़ा है।
हरियाणा सरकार ने हाल ही में वर्ल्ड बैंक (World Bank) के सहयोग से ₹474 करोड़ के हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम (HAIDP) के तहत एक क्रांतिकारी पहल की है— Haryana AI Sandbox。 इस सैंडबॉक्स के जरिए राज्य सरकार शासन, बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लाइव डेटा पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉल्यूशंस की टेस्टिंग करेगी
हाल ही में सरकार ने इसके लिए 5 सबसे महत्वपूर्ण प्रायोरिटी सेक्टर्स (Priority Sectors List)
Haryana AI Sandbox proposal priority sectors list: 5 Priority Sectors List
हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (HARTRON) और वर्ल्ड बैंक की देखरेख में आयोजित होने वाले इस सैंडबॉक्स में मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है:
- समस्या का क्षेत्र: जनता द्वारा सरकार के पास दर्ज कराई जाने वाली शिकायतें और उनका निवारण।
- AI का उपयोग: एआई टूल्स की मदद से आम जनता की शिकायतों को तेजी से समझना, उन्हें सही विभाग तक ऑटो-रूट करना और प्राथमिकताओं के आधार पर सॉर्ट करना。 अंतिम निर्णय हालांकि संबंधित अधिकारी ही लेंगे, लेकिन एआई से फाइल प्रोसेसिंग की गति कई गुना बढ़ जाएगी
- समस्या का क्षेत्र: सड़कों का रख-रखाव और शहरी बुनियादी ढांचा।
- AI का उपयोग: नागरिकों द्वारा भेजी गई तस्वीरों, वीडियो और रिपोर्ट के आधार पर एआई सड़कों के गड्ढों, टूट-फूट और अन्य बुनियादी कमियों को ऑटोमैटिकली डिटेक्ट करेगा。 इससे पीडब्ल्यूडी (PWD) और स्थानीय निकायों को मरम्मत कार्य प्राथमिकता पर करने में मदद मिलेगी
- समस्या का क्षेत्र: स्कूलों में संसाधनों का आवंटन और शिक्षकों की तैनाती।
- AI का उपयोग: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में एआई-बेस्ड डिसीजन सपोर्ट सिस्टम लागू किया जाएगा。 यह डेटा के आधार पर यह तय करेगा कि किस स्कूल में किस संसाधन या शिक्षक की आवश्यकता है。 ध्यान रहे कि यह पूरी तरह साक्ष्य-आधारित (Evidence-led) होगा और इसमें कोई ऑटोमैटिक ट्रांसफर या पोस्टिंग नहीं की जाएगी
- समस्या का क्षेत्र: स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी और प्राथमिक स्क्रीनिंग।
- AI का उपयोग: शुरुआती चरण में एआई का उपयोग चेस्ट एक्स-रे (Chest X-Rays) और मेडिकल इमेजिंग को स्कैन करने के लिए किया जाएगा。 एआई गंभीर और अर्जेंट मामलों को तुरंत फ्लैग (चिन्हित) करेगा ताकि डॉक्टरों को तुरंत पता चल सके कि किस मरीज को पहले देखना है। अंतिम डायग्नोसिस और रिपोर्टिंग का काम मेडिकल प्रोफेशनल्स ही करेंगे
- समस्या का क्षेत्र: पीने के पानी की आपूर्ति और जल प्रबंधन।
- AI का उपयोग: राज्य के जल वितरण नेटवर्क और सीवरेज सिस्टम में एआई आधारित मॉनिटरिंग सॉल्यूशंस टेस्ट किए जाएंगे。 इससे पानी की बर्बादी रोकने, लीकेज का पता लगाने और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इस प्रस्ताव से स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स को क्या मिलेगा?
- सुरक्षित सरकारी डेटाबेस: चुनिंदा टीमों को सरकार का क्यूरेटेड और डी-आइडेंटिफाइड पब्लिक-सेक्टर डेटा एक्सेस करने को मिलेगा。
- क्लाउड क्रेडिट और कंप्यूट: तकनीकी साझेदारों के माध्यम से क्लाउड कंप्यूटिंग और कंप्यूटिंग रिसोर्सेज दिए जाएंगे。
- मेंटोरशिप: डोमेन एक्सपर्ट्स और सरकारी अधिकारियों से सीधे गाइडेंस मिलेगी。
- स्केल-अप पाथवे: जिन सॉल्यूशंस के परिणाम (KPIs) बेहतरीन होंगे, उन्हें सरकार सीधे अपने ऑपरेशन्स का हिस्सा बनाएगी
प्रस्तावों को जमा करने और रजिस्ट्रेशन के लिए आप सीधे HARTRON Official Portal पर विजिट कर सकते हैं。